आज ज़िन्दगी की हक़ीकत से मुलाक़ात हुई,
मायने समझा दिए जीने के 

जब उसने ये बात कही |

वो इन्द्रधनुष या पवन गंगा ,

हो पर्वत या रंग फूल का
नैनों  के इस जोड़े से तुमने ,

जीवन के हर क्षण को देखा |
क्या सोचे कभी मायने इनके?

ना जाना तो पूछों उनसे|
बिन इनके जिनकी दुनिया में ,

हर लम्हा काली रात रही
मायने समझा दिए जीने के

जब उसने ये बात कही ||

एक आंसू पर जान लुटा दे,
माँ रब का वो रूप है
घने वृक्ष सी छाया दे
वो पिता ,जहाँ भी धुप है |

बिन इनके क्या होती दुनिया
ना मिले जिन्हें ये पूछो उनसे
जिनकी आँखों में खुशियों को ,
हर पल पूरी करने की चाह रही
मायने समझा दिए जीने के
जब उसने ये बात कही..

अब क्यूँ हो उदास ये पूछो खुद से
क्या नहीं मिला जो माँगा रब से
आज हिला दी हर जड़ मेरी 
जब उसने ये सच्चाई कही
                                       मायने समझा दिए जीने के
                                        जब उसने ये बात कही...

                                                           ___ अंकिता जैन